Monday, June 22, 2026

PhonePe चार्ज वसूलेगा 100 रुपये , ये है नया नियम

दोस्तों आज के इस डिजिटल दुनिया में सब कुछ कैशलेस होते जा रहा है। अब किसी भी दुकान पर सामान लो और पेमेंट ऑनलाइन करना पड़ता है क्योकि दुकानदार के पास कैश होता ही नहीं है।


इसकी शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। यह ऐप भारत में UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा देता है।
PhonePe से UPI पेमेंटमोबाइल रिचार्ज, QR कोड स्कैनटिकट बुकिंग, मनी ट्रांसफरबीमा और निवेशबैंक बैलेंस चेक जैसे सुविधा का लाभ उठा सकते है।
फ़ोनपे में PhonePe वॉलेट भी होता है। इसी को लेकर कंपनी ने एक नया गाइडलाईन जारी किया है।

जल्द ही पेमेंट ऐप में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कंपनी ने वॉलेट गाइडलाइंस को अपडेट किया है, जिसके बाद अगर आप लंबे समय तक वॉलेट का यूज करना छोड़ देते हैं, तो 100 की पेमेंट करनी पड़ सकती है।

कंपनी ने हाल ही में अपनी वॉलेट गाइडलाइंस को अपडेट किया है, जिसके तहत अगर कोई फोनपे यूजर 365 दिनों तक अपने PhonePe Wallet का उपयोग नहीं करता है,  तो उसपर इनएक्टिविटी मेंटेनेंस फीस लगाई जाएगी। यह फीस 100 रुपये होगी।

किन लोगों पर लगेगी 100 रुपये की जुर्माना  

 

100 रुपये की फीस सिर्फ उन लोगों पर लागू होगी, जिन्होंने एक साल तक अपने PhonePe Wallet से कोई ट्रांजैक्शन नहीं कि हीं किया है. सिर्फ PhonePe ऐप खोलना या UPI के जरिए भुगतान करना वॉलेट गतिविधि नहीं माना जाएगा. शुल्क से बचने के लिए यूजर्स को वॉलेट के जरिए कम से कम एक ट्रांजैक्शन करना होगा, जिससे वॉलेट दोबारा एक्विट मान लिया जाएगा.

नोट - PhonePe ने ₹100 की तिमाही (Quarterly) फीस केवल निष्क्रिय (inactive) Wallets पर लागू की है। यदि आपका PhonePe Wallet लगातार 365 दिनों (1 साल) तक इस्तेमाल नहीं किया जाता, तो उस पर ₹100 + लागू टैक्स का "wallet inactivity maintenance fee" लगाया जा सकता है।

यह शुल्क सामान्य UPI भुगतान, पैसे भेजने, QR स्कैन करने या बैंक-से-बैंक ट्रांसफर पर नहीं लगेगा। सामान्य UPI लेनदेन अभी भी ग्राहकों के लिए मुफ्त हैं।

अगर आप समय-समय पर अपने PhonePe Wallet का उपयोग करते रहते हैं, तो आपको यह शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

 

अलर्ट मैसेज 

फोनपे की तरह से फीस काटने से पहले यूजर्स को 15 दिन पहले एक मैसेज भेजा जाएगा. अगर वॉलेट में बैलेंस है तो कंपनी सीधे 100 रुपये काट लेगी. वहीं, अगर वॉलेट में 100 रुपये से कम रकम है तो वह रकम पूरी काट ली जाएगी. हालांकि बैलेंस को को नेगेटिव नहीं किया जाएगा. 

 


Sunday, June 21, 2026

जादुई घोड़ा

दोस्तों  बहुत पुराने समय की बात है, जब किसी शहर में एक महान राजा का शासन था। राजा का बेटा सरोज था । सरोज बहुत होशियार और साहसी युवक था। वह हमेशा नई-नई चीजें सीखने का शौकीन था।

एक दिन, शहर के राजधानी में एक बड़ा मेला लगा। वहाँ दूर-दूर के व्यापारी आए हुए थे। वे अजीबो-गरीब सामान बेच रहे थे। सरोज भी मेले में घूमने गया। वहाँ उसे एक ऐसा व्यापारी मिला जो एक लकड़ी का बना घोड़ा बेच रहा था। वह घोड़ा देखने में बहुत सुंदर था। उसका रंग सुनहरा था और आँखों में हीरे जड़े हुए थे। लेकिन वह घोड़ा साधारण नहीं था।


व्यापारी ने कहा, “यह जादुई घोड़ा है। इसमें सवार होकर आप हवा में उड़ सकते हैं। जहाँ चाहें, जा सकते हैं।”

सरोज को यह घोड़ा बहुत पसंद आ गया। वह उत्सुक हो गया। उसने व्यापारी से पूछा, “यह कैसे काम करता है?”

व्यापारी ने मुस्कुराते हुए कहा, “इसके कान के पास एक कुंजी है। उसे घुमाओ तो यह उड़ने लगेगा। दाहिने कान की कुंजी से ऊपर चढ़ेगा, बाएँ से नीचे उतरेगा। लेकिन सावधान रहना, इसे सही से संभालना पड़ेगा।”

सरोज ने सोचा, यह तो कमाल की चीज है! वह राजा से अनुमति लेकर घोड़ा खरीद लिया। घर लौटकर उसने घोड़े को आजमाया। कुंजी घुमाई तो वाकई में घोड़ा हवा में उड़ने लगा। सरोज खुशी से चिल्लाया, “यह तो चमत्कार है!”

अगले दिन, सरोज ने सोचा कि क्यों न इस घोड़े पर सवार होकर कहीं दूर घूम आएँ। वह अपने दोस्तों को बुलाया और कहा, “चलो, हम इस जादुई घोड़े पर उड़ान भरें।”

दोस्तों ने हामी भर ली। वे सब घोड़े पर सवार हुए। सरोज ने दाहिने कान की कुंजी घुमाई। घोड़ा धीरे-धीरे ऊपर उठा और फिर तेजी से हवा में उड़ चला। नीचे शहर छोटा-छोटा दिख रहा था। नदियाँ चमक रही थीं, पहाड़ हरे-भरे लग रहे थे। दोस्तों ने तालियाँ बजाईं। लेकिन अचानक, घोड़ा तेज रफ्तार पकड़ लिया। सरोज को कुंजी संभालने में देर हो गई। घोड़ा बेकाबू हो गया। वह सीधा बादलों की ओर भागा। दोस्त चिल्लाने लगे, “रुक जाओ! नीचे उतरो!” लेकिन घोड़ा नहीं रुका।

कई घंटों तक उड़ान चली। सूरज ढल गया। रात हो गई। आखिरकार, घोड़ा एक अज्ञात द्वीप पर उतर गया। सरोज और उसके दोस्त थक चुके थे। वे घोड़े से उतरे। चारों ओर घना जंगल था। न तो कोई इंसान दिखा, न कोई रास्ता। दोस्त डर गए। उन्होंने कहा, “यह क्या मुसीबत ला दी! अब हम कैसे लौटेंगे?”

सरोज ने हिम्मत जुटाई। “चिंता मत करो। मैं घोड़े को ठीक करके सबको घर पहुँचा दूँगा।” लेकिन घोड़ा अब काम नहीं कर रहा था। कुंजी खराब हो गई लगती थी। सरोज ने घोड़े को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन वह मिस्त्री नहीं था। दोस्त गुस्सा हो गए। उन्होंने सरोज को दोष दिया। झगड़ा हो गया। आखिरकार, दोस्तों ने सरोज  को छोड़ दिया और जंगल में भटकने लगे। सरोज अकेला रह गया।

सरोज उदास हो गया। वह सोचने लगा, “मैंने लालच में यह घोड़ा खरीदा, अब सब बर्बाद हो गया।”

वह जंगल में घूमने लगा। अचानक, उसे एक सुंदर महल दिखा। महल सफेद संगमरमर का बना था। चारों ओर बगीचे थे, फूल खिले हुए थे। सरोज ने दरवाजा खटखटाया।

अंदर से एक बूढ़ा दरबान आया। उसने पूछा, “तुम कौन हो?”

सरोज ने अपनी कहानी सुनाई। दरबान दया करके उसे अंदर ले गया। महल के मालिक एक अमीर व्यापारी थे। उन्होंने सरोज का स्वागत किया। खाना खिलाया। सरोज ने आराम किया।

अगले दिन, व्यापारी ने सरोज से कहा, “यह द्वीप जयचंद का नाम से जाना जाता है। यहाँ की राजकुमारी शहजादी बहुत सुंदर है। वह हर साल एक उत्सव मनाती है, जिसमें दूर-दूर के राजकुमार आते हैं। लेकिन कोई उसे जीत नहीं पाया।”

सरोज को उत्सुकता हुई। वह बोला, “मैं भी देखना चाहूँगा।”

व्यापारी ने हामी भरी। वे दोनों महल गए। वहाँ राजा का दरबार सजा था। संगीत हो रहा था। नाच-गाना चल रहा था। बीच में राजकुमारी का सिंहासन था। वह इतनी सुंदर थी कि चाँद भी शरमा जाए। उसकी आँखें काली मोतियों सी चमक रही थीं। सरोज को पहली नजर में प्यार हो गया।

उत्सव में एक प्रतियोगिता हुई। जो राजकुमार राजकुमारी को प्रभावित करेगा, वही उसे पा सकेगा। कई राजकुमार आए। उन्होंने गीत गाए, नृत्य किया, तोहफे दिए। लेकिन राजकुमारी किसी को पसंद न आई। सरोज सोच में पड़ गया। उसके पास तो कोई तोहफा भी नहीं था। अचानक, उसे जादुई घोड़ा याद आया। वह द्वीप पर लाया था न! वह घोड़े को साफ-सुथरा करके लाया। राजकुमारी के सामने खड़ा किया। सब हैरान हो गए।

सरोज ने कहा, “यह जादुई घोड़ा है। देखिए!” उसने कुंजी घुमाई। घोड़ा हवा में उड़ने लगा। राजकुमारी खुशी से उछल पड़ी। “यह तो चमत्कार है!” सबने तालियाँ बजाईं। राजकुमारी ने कहा, “यह घोड़ा मुझे बहुत पसंद आया। तुम्हें मैं अपना पति चुनती हूँ।”

सरोज खुश हो गया। लेकिन समस्या थी। वह तो शहर से भागा हुआ था। उसके दोस्त गायब थे। राजकुमारी ने कहा, “चिंता मत करो। हम घोड़े पर सवार होकर तुम्हारे शहर चलेंगे।” लेकिन घोड़ा अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं था। सरोज ने राजा से अनुमति मांगी। राजा ने शादी की तैयारियाँ शुरू कर दीं। शादी भव्य ढंग से हुई। सरोज और राजकुमारी सात फेरे ले चुके थे। अब लौटने का समय आया। सरोज ने घोड़े को ठीक करने की कोशिश की। लेकिन कुंजी अभी भी जाम थी। वह उदास हो गया। राजकुमारी ने सांत्वना दी, “हम किसी और तरीके से जाएँगे।”

तभी, द्वीप पर एक बूढ़ा जादूगर आया। वह घोड़े को देखा। बोला, “यह मेरा ही बना घोड़ा है। मैं ही ठीक कर सकता हूँ।”

सरोज ने विनती की। जादूगर ने एक मंत्र पढ़ा। कुंजी ठीक हो गई। घोड़ा फिर से उड़ने लगा। सरोज और राजकुमारी घोड़े पर सवार हुए। वे हवा में उड़ चले। नीचे द्वीप छोटा होता गया। वे सीधे शहर की ओर बढ़े। रास्ते में वे कई जगह रुके। एक जगह जंगल में उतरे। वहाँ उन्हें सरोज के दोस्त मिले। दोस्त भूखे-प्यासे थे। सरोज ने उन्हें खाना खिलाया। दोस्त शर्मिंदा हो गए। उन्होंने माफी मांगी। सब मिलकर घोड़े पर सवार हो गए।

शहर पहुँचकर सरोज ने राजा को सारी कहानी सुनाई। राजा बहुत खुश हुआ। राजकुमारी को देखकर आश्चर्यचकित हो गया। उसने कहा, “बेटा, तुमने तो चमत्कार कर दिया।”

पूरे शहर में उत्सव मनाया गया। जादुई घोड़ा राजमहल में रखा गया। सरोज और राजकुमारी सुखी जीवन बिताने लगे। दोस्तों ने भी सबक सीखा। वे कभी लालच नहीं करते। जादूगर को इनाम दिया गया। 

सीख- दोस्तों हमें इससे यही सिख मिलती है की साहस और बुद्धि से कोई भी मुश्किल हल हो सकती है।

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Friday, June 19, 2026

Window 11 के नए अपडेट ने दुनिया को..

 दोस्तों लैपटॉप तो हर कोई चलाता है, लेकिन सभी के सिस्टम अपडेट नहीं होने पर कुछ सेटिंग मिस्सिंग हो जाती है और लोगो को पता भी नहीं चलता है। जैसे जैसे अपडेट आता है वैसे ही फीचर भी चेंज होते रहता है।

दोस्तों विंडो 11 का लेटेस्ट अपडेट आया है, जिसके अन्दर Screen Tint का फीचर भी आया है। अब आप पूछोगे ए Screen Tint क्या होता है। तो हम आपको आसान शब्दों में बताने की पूरी कोशिश करेंगे।

Screen Tint क्या होता है?

Screen Tint एक ऐसा डिस्प्ले फीचर है जो आपकी स्क्रीन के रंगों (Colors) पर हल्का रंगीन फ़िल्टर (Tint) लागू करता है। इसका मुख्य उद्देश्य आंखों पर पड़ने वाले तनाव को कम करना, रात में आरामदायक देखने का अनुभव देटा है।

 सामान्यतः स्क्रीन सफेद रंग को शुद्ध सफेद (White) दिखाती है। Screen Tint चालू होने पर स्क्रीन में एक अतिरिक्त रंग की परत जुड़ जाती है।


इसमें डिस्प्ले के रंग को कई रंगों को बदल सकते है जैसे - 

1 - Custom Tint → नाम से पता चल रहा है कस्टम यानी की अपनी पसंद के अनुसार रंग चुन सकते हैं। कोइ भी रंग कम या ज्यादा कर सकते है 

2 - Warm Tint (पीला/नारंगी)Blue Light कम करता है।

Warm Tint स्क्रीन में हल्का पीला, सुनहरा या नारंगी रंग जोड़ता है। इससे नीली रोशनी (Blue Light) कम दिखाई देती है। Red और Green बढ़ जाते हैं। Blue कम हो जाता है।

फायदे - A- Blue Light आंखों को अधिक उत्तेजित करती है। Warm Tint इसे कम कर देता है।

B- रात में Blue Light शरीर में Melatonin हार्मोन के उत्पादन को कम करती है।

3 - Red Tint → रात में आंखों पर कम प्रभाव डालता है। इसका प्रयोग करने से Green और Blue कम हो जाते हैं। यह Night Vision मोड जैसा प्रभाव देता है और सफेद रंग गुलाबी या हल्का लाल दिखाई देता है।

फायदे - लाल प्रकाश आंखों की Night Vision को कम प्रभावित करता है, कम चमक और कम चुभन महसूस होती है।

4 - Cool Tint (नीला) → स्क्रीन को ठंडा रंग देता है।

Cool Tint स्क्रीन में नीले रंग की मात्रा बढ़ाता है। स्क्रीन अधिक सफेद, अधिक चमकीला 

फायदे - स्क्रीन अधिक साफ और तेज लगती है, कई लोगों को तस्वीरें अधिक आकर्षक लगती हैं, धूप वाले वातावरण में स्क्रीन अधिक स्पष्ट लग सकती है। 

नोट- लेकिन रात को इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए, नहीं तो आँखों पर प्रभाव ज्यादा पड़ता है 


विंडो में स्क्रीन tint कैसे ऑन करते है तो सबसे पहले आपको सेटिंग में जाना है , फिर डिस्प्ले सेटिंग में जाए, night light चालू करे, फिर Night light सेटिंग में जाए, strenth बदले, 

strenth बदलने से कलर में बदलाव होने लगेगा 

नोट - दोस्तों स्क्रीन tint का प्रयोग हमेशा रात में उसे करना ठीक रहता है

Thursday, June 18, 2026

आ गया Google का GoogleBook AI

 दोस्तों गूगल ने अपना खुद का AI लैपटॉप Googlebook लॉच करने वाला है

Google ने एक नई लैपटॉप कैटेगरी पेश की है, जिसका नाम Googlebook रखा गया है। Google का कहना है कि यह सिर्फ एक आम लैपटॉप नहीं बल्कि AI पर आधारित नई पीढ़ी का डिवाइस है। कंपनी ने इसे खासतौर पर Gemini AI के साथ डिजाइन किया है। Google का लक्ष्य है कि लोग लैपटॉप को पहले से बिल्कुल अलग तरीके से इस्तेमाल करे।



क्या है Googlebook?

Google का Googlebook एक नई AI-केंद्रित लैपटॉप श्रेणी है, जिसे 2026 में पेश किया गया। यह पारंपरिक Chromebook का उत्तराधिकारी माना जा रहा है और इसमें Google के Gemini AI को सिस्टम के केंद्र में रखा गया है।

Google के अनुसार Googlebook में Android और ChromeOS दोनों का मिश्रण देखने को मिलेगा। यानी यूजर्स इसमें Android ऐप्स को सीधे चला सकेंगे और साथ ही ChromeOS जैसा हल्का और स्मूद अनुभव भी मिलेगा। Googlebook का सबसे बड़ा फीचर इसमें मिलने वाला Gemini AI है। Google ने अपने AI असिस्टेंट Gemini को इस लैपटॉप का मुख्य हिस्सा बनाया है।

कंपनी का कहना है कि Googlebook यूजर्स को AI की मदद से कई स्मार्ट काम करने में सहायता करेगा। इसमें नया 'Magic Pointer' फीचर दिया गया है। यह फीचर सामान्य कर्सर को AI कर्सर में बदल सकता है. अगर यूजर स्क्रीन पर कर्सर को हल्का हिलाता है, तो AI उससे जुड़े सुझाव देने लगेगा।

Googlebook में 'Cast My Apps' नाम का फीचर भी मिलेगा। इसकी मदद से यूजर अपने स्मार्टफोन की ऐप्स को सीधे लैपटॉप पर इस्तेमाल कर सकेगा। इसके अलावा 'Quick Access' फीचर के जरिए Android फोन की फाइल्स आसानी से Googlebook में ट्रांसफर की जा सकेंगी। यह कुछ हद तक वैसे ही काम करेगा जैसे iPhone और Mac के बीच फाइल शेयरिंग होती है।

Google खुद नहीं बनाएगा लैपटॉप

फिलहाल Google ने अपना कोई खुद का Googlebook लैपटॉप लॉन्च नहीं किया है। कंपनी ने बताया कि वह Acer, Asus, Dell, HP और Lenovo जैसी कंपनियों के साथ मिलकर Googlebooks बाजार में लाएगी।

इन लैपटॉप्स को अलग-अलग डिजाइन, आकार और कीमतों में पेश किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक इन्हें खरीद सकें।

कब लॉन्च होगा Googlebook?

Google के अनुसार Googlebooks इस साल के अंत यानी Fall Season में बाजार में आने शुरू हो सकते हैं। हालांकि कंपनी ने अभी तक कोई लॉन्च डेट नहीं बताई है।

Googlebook के फीचर्स

अपकमिंग Googlebook लैपटॉप में कंपनी का Chrome ब्राउजर और Google Play Store मिलेगा। ये एक 'मॉडर्न OS' पर चलेगा, लेकिन अभी ये साफ नहीं है कि ये गूगल का वही Aluminium OS है जिसे कंपनी अभी डेवलप कर रही है। दावा किया जा रहा है कि ये दुनिया के पहले ऐसे लैपटॉप हैं जिन्हें शुरू से ही Gemini Intelligence के लिए डिजाइन किया गया है।

इन नए लैपटॉप की सबसे बड़ी खूबी गूगल का Magic Pointer है। गूगल की DeepMind टीम के साथ मिलकर बनाए गए इस फीचर की मदद से यूजर्स बस कुछ टैप करके Gemini का इस्तेमाल कर पाएंगे। कर्सर को हिलाने पर यूजर्स को स्क्रीन पर ही Gemini की तरफ से काम के सजेशन मिलेंगे। इसकी मदद से यूजर किसी ईमेल में दी गई तारीख पर पॉइंट करके मीटिंग सेट कर सकते हैं, या दो फोटो को चुनकर उन्हें तुरंत एक साथ देख सकते हैं।

इसके अलावा, Googlebooks में Gemini की मदद से चलने वाला 'Create your Widget' फीचर है, जिससे यूजर्स सिर्फ बोलकर या टाइप करके कस्टम विजेट्स बना सकते हैं। Gemini इंटरनेट पर सर्च कर सकता है या Gmail और Calendar जैसे गूगल एप्स से जुड़कर एक पर्सनलाइज्ड डैशबोर्ड बना सकता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई फैमिली ट्रिप की तैयारी कर रहा है, तो वह बुकिंग की डिटेल्स और ट्रिप का काउंटडाउन एक ही विजेट में डेस्कटॉप पर रख सकता है।

Googlebook एंड्रॉयड फोन के साथ पूरी तरह फिट बैठता है और कंपनी का कहना है कि नए लैपटॉप से फोन और लैपटॉप के बीच स्विच करना बहुत आसान हो जाएगा। यूजर्स अपने फोन के एप्स को सीधे लैपटॉप पर चला सकेंगे, इसके लिए लैपटॉप में अलग से एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। इससे यूजर बिना फोन निकाले ही लैपटॉप स्क्रीन से सीधे खाने का ऑर्डर दे सकते हैं।

 

 

 


भुत का अस्पताल

भूतों की कहानियां कल्पना के आधार पर लिखी जाती है, लेकिन कल्पना भी कुछ वास्तविकता से, अभिप्रेरित होती है| भूतिया अस्पताल एक ऐसी माँ की कहानी ...