Tuesday, July 28, 2026

Diode

 Real shape –


Symbol - 


Diode is a semiconductor component, which has two terminals (legs) anode + (A) and cathode – (K).

It is denoted by D and PD.

सिल्वर रंग वाला कैथोड रहता है।

Type:- (1) Rectifier Diode (Normal Diode):- यह SMPS, लैपटॉप चार्जर और पावर सप्लाइ बोर्ड मे पाया जाता है।

Uses:- Convert AC to DC.

 

माना हमने 230v AC करंट ‘diode पर दिया और हमको 20 वोल्ट का डीसी करंट चाहिए तो diode का प्रयोग किया जाता है।

Diode कितना डीसी करंट आउट्पुट देगा वह transformer के वोल्ट पर निर्भर करता है। माना 12 वोल्ट का transformer है और हमे 6 वोल्ट का डीसी करंट चाहिए तो जैसे –

       +     +    +   +

 

-       -    -    -         

 

 

क्यों 6 वोल्ट पर डीसी हो गया –

क्योंकि diode सिर्फ + (Plus) को एक्सेप्ट करता है और – (Minus) को ड्रॉप ( छोड़ देना ) करता है। अगर 12 वोल्ट ऐसी (AC) transformer से 12volt डीसी चाहिए तो आपको दो डाओड लगाना पड़ेगा।

Transformer को कैसे पता करे की कितने वोल्ट का है तो उसमे लिखा रहता है जैसे – 6-0, 9-0,12-0,15-0 वोल्ट

(2) Zener Diode :-

Symbol & Real Shape –

यह हमेशा लाल रंग मे रहता है और साइड मे काले रंग का लाइन रहता है।

Uses:- वोल्टेज regulator एण्ड protection

 Zenor diode का काम regulate करना होता है यानि की आगे कितने वोल्ट की जरूरत होती है , उतना ही वोल्ट ही भेजेगा।

 

(3) LED (Light Emitting Diode) –


 

Uses – Indication and decoration (सजावट). यह लाइट emitting diode, mouse, num key एलईडी, डेस्कटॉप मानिटर पर indicate करने वाली एलईडी।

 

 

(4) Laser Diode :



Real shape –

Uses – Receive electric current and convert into laser light / beam.

जिस बोर्ड मे लेसर डाओड होता है उसके साथ फोटो डाओड भी लगा होता है । इसका प्रयोग CD/DVD Laser Printer, Bank Locker, Lift Laser Gun. Etc .

 

(5) Photo Diode:-


Real Shape-

USE – receive laser light / beam and convert into electric current. फोटो डाओड मे एलईडी की तरह लाइट नहीं जलती है। इसका प्रयोग रीमोट मे किया जाता है इसे रीसीवर की जरूरत पड़ती है।

इसका प्रयोग CD/DVD Lens, laser printer, Bank locker lift आदि मे किया जाता है।

 

 

Testing Diode

In OK Condition – Set multimeter on beep mode and then check if multimeter show one side value, it mean ok.

यदि diode के एक साइड पर वैल्यू आती है तो diode सही है। और यदि multimeter के तार को बदलकर लगाने पर भी वैल्यू आ रही है तो डाइओड खराब है।

 

In Fault Condition – There are three condition of Faulty

a) Open – Nothing Show value both side.

b) Short – Show beep

c) Leakage – Show both side value.

Thursday, July 23, 2026

ट्रांसफार्मर के मुख्य काम

 A transformer is an electronic component that transfer electrical energy between one to another circuit through electromagnetic induction ( EMI )

Basically transformer used to increase ( UP ) and decrease ( Down ) Alternating Current.

It is denoted by T, Txfr.


ट्रांसफार्मर एक इलेक्ट्रॉनिक घटक है जो विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (ईएमआई) के माध्यम से एक सर्किट से दूसरे सर्किट के बीच विद्युत ऊर्जा स्थानांतरित करता है। मूल रूप से ट्रांसफार्मर का उपयोग Voltage को बढ़ाने (यूपी) और घटाने (डाउन) के लिए किया जाता है। इसमे दो coil होते है, एक प्राइमेरी वाइंडिंग ( इनपुट ) और दूसरा सेकन्डेरी वाइंडिंग ( आउट्पुट ) । प्राइमेरी और सेकन्डेरी वाइंडिंग एक दूसरे से जुड़े नहीं होते है ।

इसे T, Txfr  द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

इसका प्रयोग लैपटॉप और डेस्कटॉप के मदर बोर्ड मे नहीं होता है ।

इसका प्रयोग जैसे – SMPS , inverter, आदि मे प्रयोग किया जाता है।

 

नोट- ट्रांसफॉर्मर का इनपुट सिरा आउट्पुट सिरे से कम होता है यानि इनपुट मे दो तार जाते और आउट्पुट से 3-5 तार निकलते है।

 

ट्रांसफॉर्मर दो प्रकार के होते है –

A) Stepdown:- इनपुट वोल्टेज अगर ज्यादा राहत है तो आउट्पुट वोल्टेज को कम करता है । इसका प्रयोग मोबाईल चार्जर, लैपटॉप चार्जर , SMPS आदि मे होता है।

 

B) Step Up:- इनपुट वोल्टेज कम रहने पर आउट्पुट वोल्टेज ज्यादा देता है । इसका प्रयोग इंवर्टर ,                      Stabilizerआदि मे होता है ।

 

 

Testing Transformer

Set on beep mode –

Beep/value on primary and secondary winding यानि की प्राइमेरी के वायर को चेक करे बीप / वैल्यू आनआ चाहिए और सेकन्डेरी के जितने वायर है वाइंडिंग निकला है उसमे भी बीप / वैल्यू आना चाहिए तब तो ठीक है ।अगर बीप वैल्यू नहीं आता है तो ट्रांसफॉर्मर खराब है ।

अगर प्राइमेरी का एक वायर और सेकन्डेरी का एक वायर को मल्टीमीटर मे लगाकर चेक करते है और नो बीप / नो वैल्यू आता है तब तो ट्रांसफॉर्मर ठीक है और बीप / वैल्यू आता है तो ट्रांसफॉर्मर खराब है।

 


Monday, July 20, 2026

नाम मल्लिका, काम हैवान का

बहुत समय पहले की बात है किसी शहर में एक पति और पत्नी रहा करते थे। दोनों का एक दूसरे के सिवा और कोई नहीं था। विवाह के कई वर्षों उपरांत भी उनकी कोई संतान नहीं हुई। समय इसी प्रकार से गुजर रहा था कि अचानक एक दिन स्त्री को अपनी कोख में संतान की अनुभूति हुई और गर्भावस्था के दौरान इसको यह ससपना आया की उसको अर्जुन का फूल खानी चाहिए। आसपास वह फुल कहीं भी उपलब्ध नहीं थी। पति पत्नी एक जादूगरनी के बगीचे के समीप ही रहते थे। पत्नी के मन की बात जब पति ने सुनी तो पति ने उससे वादा किया कि वह उसके लिए अर्जुन का फुल लेकर आएगा। बगीचे में चोरी से घुसकर उसने वह फुल अपनी पत्नी के लिए तोड़ी और यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा।


एक दिन बगीचे की मालकिन जादूगरनी ने, जिसका नाम मल्लिका था, उसे यह चोरी करते हुए देख लिया और जादूगरनी ने पति को बंधक बना लिया। पति जादूगरनी के सामने बहुत गिड़गिड़ाया और अंततः जादूगरनी एक शर्त पर वह फुल उसकी पत्नी के लिए देने के लिए राजी हो गई। शर्त यह थी कि संतान के जन्म के बाद वह उसे जादूगरनी को सौंप देगा। मायूस मन से पति ने उसकी वह बात मान ली और बच्चे के जन्म होते ही उसने जादूगरनी के हाथों अपनी पुत्री को सौंप दिया। जादूगरनी ने अत्यंत मनोयोग से उसकी पुत्री का पालन पोषण किया और उसका नाम उसी अर्जुन के फुल के नाम पर फुल रखा। फुल एक अत्यंत रूपवती कन्या के रूप में धीरे धीरे विकसित होने लगी। उसके सुनहरे बाल और अद्वितीय रूप की चर्चा आसपास की जगह पर धीमे-धीमे से फैलने लगी।

कन्या के 12 वर्ष के होते ही जादूगरनी मल्लिका ने उसको एक ऐसी मीनार में कैद कर दिया, जिसमें ना तो कोई दरवाजा था और ना चढ़ने के लिए ही कोई सीढ़ी। इसमें एक ऊंचे स्थान पर एक कमरा था, जिसमें कि केवल एक खिड़की थी. जादूगरनी अपनी जादुई शक्तियों के माध्यम से छोटी बच्ची तक पहुंचती और हर दिन उससे मिलने के लिए दिन के समय जरुर जाती। इसी प्रकार से दिन बीतने लगे वह बच्ची बड़ी होकर एक अत्यंत रूपवती स्त्री के रूप में विकसित हुई। उसके लंबे घने सुनहरे बाल इतने लंबे हो गए की बाद में जादूगरनी उनके सहारे मीनार पर चढ़कर कमरे में आने और जाने लगी। ऐसा करते वक्त वह फुल को पुकारते हुए कहती –

“फुल अपने बाल गिराओ, ताकि मैं तुम्हारे सुनहरे बालों पर चढ़कर ऊपर आ सकूं।”

समय इसी तरह से गुजरता गया और एक दिन किसी राज्य का राजकुमार घूमते घूमते उसी क्षेत्र में आ गया, जहां पर फुल उस मीनार में रहती थी। फुल की आवाज में अद्वितीय मिठास थी, जब वह गाती थी तो जैसे समय ठहर जाता था। एक दिन राजकुमार को टहलते टहलते एक मधुर आवाज़ सुनाई पड़ी। वह आवाज कहां से आ रही है यह जानने के लिए जब राजकुमार मीनार के पास गया तो उसे दिखाई पड़ा कि एक ऊंची मीनार के ऊपर कमरे में एक सुंदर रूपवती स्त्री रहती है। उसकी इस मीठी आवाज को सुनकर राजकुमार उसकी तरफ अत्यंत आकर्षित हुआ और वह अपनी उत्सुकता पर काबू नहीं रख सका। उसने मन में ठान ली कि वह इस बंद मीनार में रहने वाली स्त्री, जिसकी आवाज इतनी मधुर है, के विषय में जान के ही रहेगा। एक दिन जब दिन के समय जादूगरनी फुल से मिलने के लिए आई तो उसने जादूगरनी को वह शब्द कहते और बालों के जरिए ऊपर चढ़ते हुए देख लिया। राजकुमार ने इसी प्रकार जब रात के समय फुल को पुकारा तो उसने उसे आने के लिए मीनार के सहारे अपने बालों को लटका दिया। राजकुमार ऊपर जाकर फुल से मिला।

इस तरह राजकुमार प्रतिदिन आता और फुल से मिलने लगे और धीरे धीरे फुल और राजकुमार एक दूसरे से प्रेम करने लगे थे। दोनों ने मिलते ही एक-दूसरे को पसंद कर लिया था और वह एक दूसरे के लिए के अंतरंग सहचर बन गए। अतः राजकुमार ने फुल के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। फुल इस पर सहमत हुई और दोनों का मिलना जुलना धीमे-धीमे बढ़ने लगा। जादूगरनी मल्लिका रोज दिन के समय फुल को मिलने के लिए आया करती थी। राजकुमार और फुल ने मिलकर एक योजना बनाई कि राजकुमार द्वारा दिए गए रेशम से फुल एक सीढ़ी बनायेगी, जिससे कि वह दोनों उस जगह से भाग सकें। फुल की मूर्खता के कारण जादूगरनी मल्लिका को राजकुमार के फुल के पास आने और उसके गर्भवती हो जाने का पता चल गया। जादूगरनी मल्लिका ने फुल को मीनार से बाहर निकाल दिया और जंगली जानवरों के बीच से जंगल में विचरने को अकेला छोड़ दिया, और वह स्वयं उस मीनार के कमरे में जाकर छुप गयी। राजकुमार के चढ़ने के लिए उसने फुल के बालों को काटकर उन्हें मीनार से बाहर लटका दिया ताकि राजकुमार ऊपर चढ़ सके और उसे कोई शंका ना हो। जब राजकुमार फुल से मिलने के लिए उस रात आया तो फुल की जगह जादूगरनी को पाकर वह भयभीत हो गया और मीनार से कूद पड़ा जिससे कि नीचे पड़े काटों से उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई। जब राजकुमार नीचे गिरने लगा उसके हाथ में फुल के कटे हुए बाल आ गए और फुल की लंबी बालों की लट राजकुमार के साथ ही नीचे गिर गई। नीचे उतर पाने का कोई अन्य तरीका न होने के कारण जादूगरनी मल्लिका उस मीनार में फंस गई और अंततः मृत्यु को प्राप्त हुई।

अपनी आंखों और अपनी प्रेमिका को खो देने के बाद राजकुमार निराश होकर अंधा होकर जगह-जगह भटकने लगा। कई महीनों तक इस प्रकार भटकने के पश्चात वह उस क्षेत्र में जा पहुंचा जहां पर फुल बस चुकी थी। उधर फुल ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया; जिनमें एक बेटी और एक बेटा हुआ। इसी तरह कुछ समय तक एक दूसरे के विछोह में रहने के बाद अंततः दोनों उसी राज्य में एक स्थान पर मिले, और उनके मिलन से चमत्कार स्वरुप राजकुमार की दृष्टि वापस आ गई और फुल के लंबे सुनहरे बाल उसको वापस मिल गए और दोनों हंसी खुशी अपना जीवन साथ में बिताने लगे।

शिक्षा – इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि बुरे का अंत बुरा ही होता है. और विश्वास के सहारे एक दिन दुनिया में सब कुछ पाया जा सकता है. जिस तरह जादूगरनी गलत नियत से फुल को इतने साल कैद में रखती है, एक दिन उसे इसका दंड मिला और वह मारी गई.फुल ने बचपन से उम्मीद लगाई हुई थी, कि उसे एक दिन कोई बचाने आएगा उसकी खुशयाली भरी ज़िन्दगी होगी, एक दिन उसके इस विश्वास को भगवान् ने पूरा कर दिया.

Sunday, July 19, 2026

Crystal (Oscillator) का क्या काम है ?

 Symbol & Real shape

 

Crystal is an electronic component, which is used to generate clock pulse.

It is denoted by ‘X, Y, X-Tal’.

Its comes in frequency Hz, KHz, MHz mostly.

क्रिस्टल एक इलेक्ट्रॉनिक घटक है, जिसका उपयोग क्लॉक पल्स उत्पन्न करने के लिए किया जाता है। इसे 'x, y, X-Tal' ​​द्वारा दर्शाया जाता है। यह ज्यादातर Hz, KHz, MHz आवृत्ति में आता है।

क्रिस्टल दो प्रकार के होते है – एक तो स्टील metal वाली और दूसरी सालिड ब्लैक कलर ( प्लास्टिक फाइबर की तरह ) की होती है। स्टील मेटल का क्रिस्टल डेस्कटॉप के मदरबोर्ड मे मिलेगा , जिसका frequency क्रिस्टल पर लिखा होता है।

सालिड प्लास्टिक फाइबर वाली क्रिस्टल लैपटॉप के मदरबोर्ड मे पाया जाता है । यह ज्यादातर SOC (System on Chip) के पास पाया जाता है और चार्जिंग जैक या IC के पास जाया जाता है।

 

Testing Crystal ( Oscillator )

Multimeter set on beep mode-

No Beep / No value = OK

Beep = Fault

 

Steel metal crystal को आप आसानी से चेक कर सकते है क्यों की इसमे 2 ही पैर होते है। लेकिन फाइबर मेटल क्रिस्टल को चेक करते समय ध्यान देना होगा। सबसे पहले आप मदरबोर्ड मे क्रिस्टल की पहचान करे और क्रिस्टल के बगल मे छोटा स बिन्दु ( Dot ) होगा । जैसे

 

ऊपर चित्र मे चार या 6 solding पॉइंट दिख रहे है । अगर क्रिस्टल पर जहा पॉइंट ( विंदु ) दिखाए दे वह वाली पॉइंट और उसके सामने वाली पॉइंट को ही चेक करना है। इस टेस्टिंग से आप क्रिस्टल खराब है या सही है सिर्फ पता लगा सकते है ।  लेकिन frequency का पता नहीं कर सकते है।

Frequency पता करने के लिए DSO (Digital oscilloscope) लेना पड़ेगा जिसकी कीमत लगभग 20 से 25 हजार होती है ।

Friday, July 17, 2026

गले में सूजन और इंफेक्शन में राहत पाए ..

दोस्तों मौसम बदलने के साथ वायरल इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, जो इस समस्या को बढ़ा देता है। इससे गले में खराश, रूखापन और सांसों की दुर्गंध का भी सामना करना पड़ता है।

मौसम बदलने के साथ गले में टॉन्सिलाइटिस का होना एक आम बात है। इनमें सूजन और दर्द की समस्या बनी रहती है। 


टॉन्सिलाइटिस क्या होता है ? 

गले के दोनों तरफ मौजूद छोटे-छोटे ऊतक (lymphoid tissues) होते हैं। ये शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) का हिस्सा हैं और मुंह या नाक से आने वाले बैक्टीरिया और वायरस को पहचानने तथा उनसे लड़ने में मदद करते हैं।

टॉन्सिलाइटिस के काम - 

शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करना।

रोग पैदा करने वाले कीटाणुओं को पकड़ना और उनसे लड़ने वाली प्रतिरक्षा कोशिकाएँ बनाना।



टॉन्सिलाइटिस से समस्या - 

गर्दन की लिम्फ नोड्स में सूजन, गले में तेज दर्द, बुखार, निगलने में कठिनाई, टॉन्सिल का लाल और सूजा हुआ दिखना जैसी समस्या का सामना करना पद सकता है।


टॉन्सिलाइटिस से छुटकारा कैसे पाए ? 

चाय में शहद मिलाकर पीएं - 

शहद में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जिससे टॉन्सिलिटिस के कारण बनने वाले संक्रमण का इलाज करने में मदद मिलती है। ग्री टी को तैयार करके उसमें शहद को मिलाकर पीने से गले की खराश और खांसी को दूर किया जा सकता है।

आराम करें-
पर्याप्त नींद लें ताकि शरीर संक्रमण से लड़ सके।

नरम भोजन खाएँ-
खिचड़ी, दलिया, दही (यदि उससे परेशानी न हो), सूप, उबली सब्जियाँ आदि लें।
बहुत मसालेदार, तला हुआ या बहुत ठंडा भोजन कुछ लोगों में तकलीफ बढ़ा सकता है।

दूध में हल्दी मिलाएं

एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हल्दी से गले में बढ़ने वाली सूजन को कम किया जा सकता है। इसके लिए रात में सोने से पहले गर्म दूध में हल्दी को मिलाएं और आवश्यकतानुसार शहद डालकर मिक्स कर लें। इसका सेवन करने से गले में बढ़ने वाले सक्रमण के जोखिम को कम किया जा सकता है।


FASTag चोरी होने पर, तुरंत करे ये काम

इंडिया अब धीरे-धीरे पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है और अब हर जगह ऑनलाइन ही काम हो रहा है ।  इसमें आपका राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर ट...