इंडिया अब धीरे-धीरे पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है और अब हर जगह ऑनलाइन ही काम हो रहा है। इसमें आपका राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स भुगतान की प्रक्रिया भी शामिल है। पहले जहां टोल पर हमें लंबी लाइन में खड़े होकर कैश देना पड़ता था। लेकिन अब फास्टैग आने के चलते लंबी लाइन पूरी तरह से खत्म हो गई और आसानी से टोल का पैसा ऑनलाइन ही कट जाता है।
क्योंकि, लगभग हर चार पहिया वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा फास्टैग चिप सीधे आपके बैंक खाते या वॉलेट से जुड़ा होता है। जबकि आप जैसे ही टोल पर गाड़ी लगाते हैं आपके अकाउंट से पैसा तुरंत कट जाता है।
सबसे पहले यह जान लेते है FASTag
होता क्या है?
दरअसल, देशभर में सभी गाड़ियों पर फास्टैग लगाना जरूरी हो गया है। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक स्टिकर है, जिसे व्हीकल के विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप लगी होती है। ये स्टिकर गाड़ी चलाने वाले के बैंक अकाउंट या फास्टैग वॉलेट से अटैच्ड होता है। फास्टैग की मदद से टोल प्लाजा पर बिना रुके टोल टैक्स का पेमेंट किया जा सकता है।आपको अपने वॉलेट में कम से कम 100 रुपये का बैलेंस बनाए रखना चाहिए।
FASTag गुम या चोरी हो गया है तो तुरंत उसे
ब्लॉक करें
भारत के सभी NHAI टोल प्लाजा पर FAStag अनिवार्य हो चुका है। लेकिन, अब लोगों को FAStag से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। जैसे FASTag खो जाए, FAStag खराब हो जाए और फट जाने पर क्या करें? FAStag खराब या फिर चोरी होने की स्थिति में e-Wallet में रखे पैसे सुरक्षित रहेंगे या नहीं? दोबारा FAStag लेने के लिए क्या करना होगा और इस पर कितना खर्च आएगा?
गाड़ी चोरी होने ही स्थिति में बैंकों की हेल्पलाइन पर फोन करके फॉस्टैग को ब्लॉक किया जा सकता है। कार का शीशा टूटने पर फास्टैग खराब हो जाता है। ऐसी स्थिति में Fastag कहीं भी बदला जा सकता है। बैंक या फिर फास्टैग सेंटर में जाकर अपनी गाड़ी की RC और दूसरे डॉक्यूमेंट दिखाने पर फास्टैग रीइश्यू हो जाएगा। इसके लिए अलग से कोई चार्ज नहीं देना होगा।
FASTag ब्लॉक
करने का तरीका
FASTag इशू करने वाली बैंक या एप्लिकेशन
जैसे कि Paytm, Airtel Payments Bank, HDFC, ICICI, Axis Bank आदि के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें। अपनी KYC
डिटेल्स जैसे मोबाइल नंबर, व्हीकल नंबर, नाम
आदि बताएं। रिक्वेस्ट दर्ज कराएं कि आपका FASTag गुम हो गया है और ब्लॉक किया जाए। कुछ बैंक अपने मोबाइल ऐप में भी “Block
FASTag” का विकल्प देते हैं, वहां से भी यह काम हो सकता है।
आपको बता दें कि, फास्टैग चोरी होने या गुम होने की जानकारी मिलते
ही सबसे पहला काम इसे ब्लॉक करवाने का होना चाहिए. इसके लिए आपको सबसे पहले अपने
संबंधित फास्टैग जारीकर्ता बैंक के टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर पर तुरंत संपर्क
करना चाहिए.
वहीं, यदि आपको बैंक का नंबर याद न हो तो आप राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)
के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर डायल करके भी अपने फास्टैग की हॉटलिस्टिंग या ब्लॉकिंग का अनुरोध
दर्ज करा सकते हैं.
नया FASTag कैसे करें ऑनलाइन अप्लाई ?
अगर आपका फास्टैग काम नहीं कर रहा है
या गुम हो गया है, तो आप आसानी से नया फास्टैग जारी
करवा सकते हैं
1 – My FASTag App
2 – Paytm app
3 – FASTag Portal
के द्वारा आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते
है
फास्टैग कब ब्लैक लिस्ट या ब्लॉक हो
सकता है?
-अगर फास्टैग वॉलेट में कम बैलेंस है, तो ये ब्लैक लिस्ट हो जाता है.-टोल टैक्स का पेमेंट नहीं कर पाने पर भी फास्टैग ब्लॉक हो जाता है.-पेमेंट फेल होने पर भी इसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है।-KYC अपडेट नहीं होने पर आपके फास्टैग को ब्लॉक कर दिया जाता है.-गाड़ी के चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर में गड़बड़ी होने पर भी फास्टैग ब्लॉक हो जाता है








