Friday, September 25, 2026

FASTag चोरी होने पर, तुरंत करे ये काम

इंडिया अब धीरे-धीरे पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है और अब हर जगह ऑनलाइन ही काम हो रहा है। इसमें आपका राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स भुगतान की प्रक्रिया भी शामिल है। पहले जहां टोल पर हमें लंबी लाइन में खड़े होकर कैश देना पड़ता था। लेकिन अब फास्टैग आने के चलते लंबी लाइन पूरी तरह से खत्म हो गई और आसानी से टोल का पैसा ऑनलाइन ही कट जाता है।


क्योंकि, लगभग हर चार पहिया वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा फास्टैग चिप सीधे आपके बैंक खाते या वॉलेट से जुड़ा होता है। जबकि आप जैसे ही टोल पर गाड़ी लगाते हैं आपके अकाउंट से पैसा तुरंत कट जाता है।

सबसे पहले यह जान लेते है FASTag होता क्या है?

दरअसल, देशभर में सभी गाड़ियों पर फास्टैग लगाना जरूरी हो गया है। फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक स्टिकर है, जिसे व्हीकल के विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप लगी होती है। ये स्टिकर गाड़ी चलाने वाले के बैंक अकाउंट या फास्टैग वॉलेट से अटैच्ड होता है। फास्टैग की मदद से टोल प्लाजा पर बिना रुके टोल टैक्स का पेमेंट किया जा सकता है।आपको अपने वॉलेट में कम से कम 100 रुपये का बैलेंस बनाए रखना चाहिए।

 


FASTag गुम या चोरी हो गया है तो तुरंत उसे ब्लॉक करें।

भारत के सभी NHAI टोल प्लाजा पर FAStag अनिवार्य हो चुका है। लेकिन, अब लोगों को FAStag से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। जैसे FASTag खो जाए, FAStag खराब हो जाए और फट जाने पर क्या करें? FAStag खराब या फिर चोरी होने की स्थिति में e-Wallet में रखे पैसे सुरक्षित रहेंगे या नहीं? दोबारा FAStag लेने के लिए क्या करना होगा और इस पर कितना खर्च आएगा?

गाड़ी चोरी होने ही स्थिति में बैंकों की हेल्पलाइन पर फोन करके फॉस्टैग को ब्लॉक किया जा सकता है। कार का शीशा टूटने पर फास्टैग खराब हो जाता है। ऐसी स्थिति में Fastag कहीं भी बदला जा सकता है। बैंक या फिर फास्टैग सेंटर में जाकर अपनी गाड़ी की RC और दूसरे डॉक्यूमेंट दिखाने पर फास्टैग रीइश्यू हो जाएगा। इसके लिए अलग से कोई चार्ज नहीं देना होगा।

 

FASTag ब्लॉक करने का तरीका

FASTag इशू करने वाली बैंक या एप्लिकेशन जैसे कि Paytm, Airtel Payments Bank, HDFC, ICICI, Axis Bank आदि के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें। अपनी KYC डिटेल्स जैसे मोबाइल नंबर, व्हीकल नंबर, नाम आदि बताएं। रिक्वेस्ट दर्ज कराएं कि आपका FASTag गुम हो गया है और ब्लॉक किया जाए। कुछ बैंक अपने मोबाइल ऐप में भी “Block FASTag” का विकल्प देते हैं, वहां से भी यह काम हो सकता है।

आपको बता दें कि, फास्टैग चोरी होने या गुम होने की जानकारी मिलते ही सबसे पहला काम इसे ब्लॉक करवाने का होना चाहिए. इसके लिए आपको सबसे पहले अपने संबंधित फास्टैग जारीकर्ता बैंक के टोल-फ्री कस्टमर केयर नंबर पर तुरंत संपर्क करना चाहिए.

वहीं, यदि आपको बैंक का नंबर याद न हो तो आप राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के हेल्पलाइन नंबर 1033 पर डायल करके भी अपने फास्टैग की हॉटलिस्टिंग या ब्लॉकिंग का अनुरोध दर्ज करा सकते हैं.

 

 

नया FASTag कैसे करें ऑनलाइन अप्लाई ?

अगर आपका फास्टैग काम नहीं कर रहा है या गुम हो गया है, तो आप आसानी से नया फास्टैग जारी करवा सकते हैं।

1 – My FASTag App

2 – Paytm app

3 – FASTag Portal

के द्वारा आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है।


फास्टैग कब ब्लैक लिस्ट या ब्लॉक हो सकता है?

-अगर फास्टैग वॉलेट में कम बैलेंस है, तो ये ब्लैक लिस्ट हो जाता है.-टोल टैक्स का पेमेंट नहीं कर पाने पर भी फास्टैग ब्लॉक हो जाता है.-पेमेंट फेल होने पर भी इसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है।-KYC अपडेट नहीं होने पर आपके फास्टैग को ब्लॉक कर दिया जाता है.-गाड़ी के चेसिस नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर में गड़बड़ी होने पर भी फास्टैग ब्लॉक हो जाता है

 

 

 

Wednesday, August 5, 2026

IC (Integrated Circuit/Chip) के काम और प्रयोग

 Real Shape –





It is small semiconductor component, which has many electronic component like Transistor, MOSFET and diode etc.

It is denoted by U, and come in number.

Note – आईसी को लगाते समय ध्यान दे की आईसी सही तरीके से लगा है की नहीं , नहीं तो मदरबोर्ड शॉर्ट/खराब होने की संभावना रहता है।

आईसी मे हल्का सा पॉइंट /बिन्दु रहता है और मदरबोर्ड मे तीर का निशान छपा होता है या फिर लाइन ( आईसी के चारों तरफ चार लाइन मे एक लाइन मोटी होती है ) होती है , जिससे यह पता चलता है की आईसी का पॉइंट / बिन्दु और मदरबोर्ड का arrow/ तीर एक ही साइड मे रहेगी।  

 

Type – there are mainly two type according to working concept

 

a) Analog IC – It work on analog waveform signal.

इसका प्रयोग amplifier, voice फ़िल्टर, सिगनल processing के लिए किया जाता है।

 

b) Digital IC – It work on digital signal

इसका प्रयोग लगभग सभी बोर्ड मे किया जाता है , लैपटॉप और डेस्कटॉप के मदरबोर्ड मे भी इसका प्रयोग किया जाता है।

 

Advantage of IC’s

a) Externally Small size

b) Lower power consumption

c) Very small weight

d) Very low cost

e) better Performance

 

Disadvantage of IC’s

a) Don’t repair IC

b) Difficult to replace on board

c) No any cool testing

 

 

 

Testing IC

IC only online check, if IC requirement biasing ok but any output according own it means faulty.

आईसी को आनलाइन टेस्टिंग या हॉट टेस्टिंग के द्वारा चेक किया जाता ह। इसको चेक करने के लिए आपको इसके वोल्ट को चेक करना पड़ेगा।

जैसे की साउन्ड पोर्ट मे (o – 3.3volt, o – 5 volt,  आता है) अगर वोल्टेज सही आता है तो साउन्ड आईसी सही है अगर वोल्टेज नहीं आता है तो साउन्ड आईसी खराब है।

Tuesday, July 28, 2026

Diode

 Real shape –


Symbol - 


Diode is a semiconductor component, which has two terminals (legs) anode + (A) and cathode – (K).

It is denoted by D and PD.

सिल्वर रंग वाला कैथोड रहता है।

Type:- (1) Rectifier Diode (Normal Diode):- यह SMPS, लैपटॉप चार्जर और पावर सप्लाइ बोर्ड मे पाया जाता है।

Uses:- Convert AC to DC.

 

माना हमने 230v AC करंट ‘diode पर दिया और हमको 20 वोल्ट का डीसी करंट चाहिए तो diode का प्रयोग किया जाता है।

Diode कितना डीसी करंट आउट्पुट देगा वह transformer के वोल्ट पर निर्भर करता है। माना 12 वोल्ट का transformer है और हमे 6 वोल्ट का डीसी करंट चाहिए तो जैसे –

       +     +    +   +

 

-       -    -    -         

 

 

क्यों 6 वोल्ट पर डीसी हो गया –

क्योंकि diode सिर्फ + (Plus) को एक्सेप्ट करता है और – (Minus) को ड्रॉप ( छोड़ देना ) करता है। अगर 12 वोल्ट ऐसी (AC) transformer से 12volt डीसी चाहिए तो आपको दो डाओड लगाना पड़ेगा।

Transformer को कैसे पता करे की कितने वोल्ट का है तो उसमे लिखा रहता है जैसे – 6-0, 9-0,12-0,15-0 वोल्ट

(2) Zener Diode :-

Symbol & Real Shape –

यह हमेशा लाल रंग मे रहता है और साइड मे काले रंग का लाइन रहता है।

Uses:- वोल्टेज regulator एण्ड protection

 Zenor diode का काम regulate करना होता है यानि की आगे कितने वोल्ट की जरूरत होती है , उतना ही वोल्ट ही भेजेगा।

 

(3) LED (Light Emitting Diode) –


 

Uses – Indication and decoration (सजावट). यह लाइट emitting diode, mouse, num key एलईडी, डेस्कटॉप मानिटर पर indicate करने वाली एलईडी।

 

 

(4) Laser Diode :



Real shape –

Uses – Receive electric current and convert into laser light / beam.

जिस बोर्ड मे लेसर डाओड होता है उसके साथ फोटो डाओड भी लगा होता है । इसका प्रयोग CD/DVD Laser Printer, Bank Locker, Lift Laser Gun. Etc .

 

(5) Photo Diode:-


Real Shape-

USE – receive laser light / beam and convert into electric current. फोटो डाओड मे एलईडी की तरह लाइट नहीं जलती है। इसका प्रयोग रीमोट मे किया जाता है इसे रीसीवर की जरूरत पड़ती है।

इसका प्रयोग CD/DVD Lens, laser printer, Bank locker lift आदि मे किया जाता है।

 

 

Testing Diode

In OK Condition – Set multimeter on beep mode and then check if multimeter show one side value, it mean ok.

यदि diode के एक साइड पर वैल्यू आती है तो diode सही है। और यदि multimeter के तार को बदलकर लगाने पर भी वैल्यू आ रही है तो डाइओड खराब है।

 

In Fault Condition – There are three condition of Faulty

a) Open – Nothing Show value both side.

b) Short – Show beep

c) Leakage – Show both side value.

Thursday, July 23, 2026

ट्रांसफार्मर के मुख्य काम

 A transformer is an electronic component that transfer electrical energy between one to another circuit through electromagnetic induction ( EMI )

Basically transformer used to increase ( UP ) and decrease ( Down ) Alternating Current.

It is denoted by T, Txfr.


ट्रांसफार्मर एक इलेक्ट्रॉनिक घटक है जो विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (ईएमआई) के माध्यम से एक सर्किट से दूसरे सर्किट के बीच विद्युत ऊर्जा स्थानांतरित करता है। मूल रूप से ट्रांसफार्मर का उपयोग Voltage को बढ़ाने (यूपी) और घटाने (डाउन) के लिए किया जाता है। इसमे दो coil होते है, एक प्राइमेरी वाइंडिंग ( इनपुट ) और दूसरा सेकन्डेरी वाइंडिंग ( आउट्पुट ) । प्राइमेरी और सेकन्डेरी वाइंडिंग एक दूसरे से जुड़े नहीं होते है ।

इसे T, Txfr  द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

इसका प्रयोग लैपटॉप और डेस्कटॉप के मदर बोर्ड मे नहीं होता है ।

इसका प्रयोग जैसे – SMPS , inverter, आदि मे प्रयोग किया जाता है।

 

नोट- ट्रांसफॉर्मर का इनपुट सिरा आउट्पुट सिरे से कम होता है यानि इनपुट मे दो तार जाते और आउट्पुट से 3-5 तार निकलते है।

 

ट्रांसफॉर्मर दो प्रकार के होते है –

A) Stepdown:- इनपुट वोल्टेज अगर ज्यादा राहत है तो आउट्पुट वोल्टेज को कम करता है । इसका प्रयोग मोबाईल चार्जर, लैपटॉप चार्जर , SMPS आदि मे होता है।

 

B) Step Up:- इनपुट वोल्टेज कम रहने पर आउट्पुट वोल्टेज ज्यादा देता है । इसका प्रयोग इंवर्टर ,                      Stabilizerआदि मे होता है ।

 

 

Testing Transformer

Set on beep mode –

Beep/value on primary and secondary winding यानि की प्राइमेरी के वायर को चेक करे बीप / वैल्यू आनआ चाहिए और सेकन्डेरी के जितने वायर है वाइंडिंग निकला है उसमे भी बीप / वैल्यू आना चाहिए तब तो ठीक है ।अगर बीप वैल्यू नहीं आता है तो ट्रांसफॉर्मर खराब है ।

अगर प्राइमेरी का एक वायर और सेकन्डेरी का एक वायर को मल्टीमीटर मे लगाकर चेक करते है और नो बीप / नो वैल्यू आता है तब तो ट्रांसफॉर्मर ठीक है और बीप / वैल्यू आता है तो ट्रांसफॉर्मर खराब है।

 


FASTag चोरी होने पर, तुरंत करे ये काम

इंडिया अब धीरे-धीरे पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है और अब हर जगह ऑनलाइन ही काम हो रहा है ।  इसमें आपका राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर ट...