Saturday, May 23, 2026

BSNL ने मचाया तहालका..

दोस्तों BSNL के बारे में हर कोई जनता है लेकिन आज के समय में बीएसएनएल का नेटवर्क कनेक्टिविटी सही नहीं होने के कारण इसके यूजर कम होते चले जा रहे है. जबकि बीएसएनएल की टैरिफ प्लान/ रिचार्ज प्लान सभी कंपनियों से बहुत ही कम है. इसके बावजूद इसके यूजर रोजाना कम होते चले जा रहे है. कारण नेटवर्क कनेक्टिविटी का कम होना. 


अगर आप बीएसएनएल का सिम ले भी लेते है और नेटवर्क न रहे तो आप क्या करोगे. जाहिर सी बात है आप सिम का प्रयोग ही नहीं करोगे.

बीएसएनएल सन 2000 में आई और मार्किट में अपना पकड़ पूरी तरह से नहीं बना पाई. जबकि जिओ कुछ ही सालो में पुरे भारत में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. 

आज के समय में सभी के घर एक सिम तो जिओ का मिल जायेगा लेकिन बीएसएनएल का सिम आपको देखे हुए के साल हो गए है. 

जबकि बीएसएनएल पूरे भारत में मोबाइल नेटवर्क, ब्रॉडबैंड, फाइबर इंटरनेट और लैंडलाइन सेवाएँ देती है।

विश्व में केवल चीन, फिनलैंड, स्वीडन और दक्षिण कोरिया ही ऐसे देश थे जिनके पास अपनी टेलीकॉम स्टैक बनाने की क्षमता थी। लेकिन अब भारत भी इस सूची में शामिल हो गया है।

लेकिन अब भारत भी इस सूची में शामिल हो गया है। BSNL के 1 लाख स्वदेशी 4G टावर इस दिशा में एक बड़ा कदम हैं।" इसके अलावा, भारत सरकार 6G टेक्नोलॉजी पर भी तेजी से काम कर रही है, जिससे देश में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जा सकेगा।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक समिट में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्था C-DOT द्वारा कोर टेक्नोलॉजी, Tejas नेटवर्क द्वारा टेलीकॉम टावर (RAN) और TCS द्वारा सिस्टम इंटीग्रेशन का काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि जून 2025 तक यह काम पूरा कर लिया जाए, जिसके बाद इन सभी टावरों को 5G में अपग्रेड कर दिया जाएगा।

D2D सैटेलाइट सर्विस की शुरुआत
BSNL ने Direct-to-Device (D2D) सैटेलाइट मैसेजिंग सेवा भी लॉन्च कर दी है, जो ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। सिंधिया ने बताया कि जहां दुनिया के कई देशों में टेलीकॉम कंपनियों का विलय हो रहा है, वहीं भारत टेलीकॉम एक्सपेंशन की राह पर है। भारत उन गिने-चुने देशों में से है जहां चार प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर्स (Jio, Airtel, Vi और BSNL) प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

  • TCS, तेजस नेटवर्क्स और सी-डॉट ने देश में बीएसएनएल के लिए 1 लाख 4G साइट्स लगाई हैं।
  • तेजस नेटवर्क्स ने जापान की NEC और Rakuten के साथ भी साझेदारी की है।
  • तेजस नेटवर्क्स का मकसद स्वदेशी तकनीक को विदेशों तक पहुंचाना है और वह ग्लोबल कंपनियों से बात कर रही है।

क्या होता है D2D सैटेलाइट?

D2D यानी Direct-to-Device एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसमें मोबाइल फोन, IoT डिवाइस और अन्य स्मार्ट उपकरण बिना अतिरिक्त हार्डवेयर के सीधे सैटेलाइट नेटवर्क से जुड़ सकते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा इमरजेंसी कम्युनिकेशन, लोकेशन शेयरिंग और आपदा के समय मदद पहुंचाने में मिलेगा।

बीएसएनएल टावरों में लगी करीब 50 हजार बैटरियां, पावर प्लांट और पुरानी केबल्स को बदला गया है, जिससे नेटवर्क कनेक्टिविटी और बेहतर हुई है।

लेकिन 5G की चुनौती अभी भी बाकी
तमाम उपलब्धियों के बावजूद बीएसएनएल की 5जी सेवाओं का राेलआउट अबतक देश में नहीं हो पाया है। BSNL के अन्य कॉम्पिटिटर्स जैसे- जियो, एयरटेल और वोडा-आइडिया की 5जी सर्विस देश में लंबे समय से चल रही है। बीएसएनएल को टावरों के साथ-साथ हाईस्पीड इंटरनेट सेवाओं को रोलआउट करने की सख्त जरूरत नजर आती है। बीएसएनएल अपना 5g लाने में काफी समय लगा सकता है. लेकिन बीएसएनएल का 5g जब भी आएगी तो पुरे मार्किट को हिला कर रख देगी. क्योकि आपको भी पता है बीएसएनएल का टैरिफ प्लान कितने सस्ते होते है. दुसरे टेलिकॉम कंपनिया 1 महीने का रिचार्ज जितने पैसे में करती है उतने ही पैसे में बीएसएनएल यूजर 5 महीने का लाभ उठा सकते है. 

 


 

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