दोस्तों हम सभी जानते है की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी सभी देशवासियों से अपील किए है की सोना न ख़रीदे और कोई इमरजेंसी हो तभी अपने साधन का प्रयोग करे, ताकि तेल आयात को कम किया जा सके और दुसरे देशो पर निर्भरता कम हो .
इस दौरान वह संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे।जिसमे ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है। वैश्विक ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनाव के बीच यह यात्रा भारत की रणनीतिक साझेदारी, ग्रीन एनर्जी, AI और सेमीकंडक्टर सहयोग को मजबूत करेगी।
पहला दौरा -
सबसे पहले मोदी की दौरे की शुरुआत UAE से होगी, जहां प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। भारत और UAE के बीच पहले से व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें व्यापार, निवेश और ऊर्जा प्रमुख क्षेत्र हैं। इस मुलाकात में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और निवेश, तकनीक, संस्कृति, लोगों के बीच संपर्क और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। खास तौर पर ऊर्जा के मोर्चे पर UAE भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत अपनी तेल और गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से पूरा करता है।
दूसरा दौरा -
इस दौरान वे किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे तथा प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ वार्ता करेंगे।
नीदरलैंड दौरे में सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, जल प्रबंधन, रक्षा, सुरक्षा और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान रहेगा। भारत खास तौर पर सेमीकंडक्टर तकनीक और IMEC जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, भविष्य की चिप टेक्नोलॉजी और साफ ऊर्जा के लिए नीदरलैंड भारत का एक महत्वपूर्ण संकटमोचक पार्टनर बन सकता है।
तीसरा दौरा-
प्रधानमंत्री मोदी 17 से 18 मई तक स्वीडन का दौरा करेंगे। यह उनकी 2018 के बाद दूसरी स्वीडन यात्रा होगी। यहां प्रधानमंत्री मोदी स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
स्वीडन में सबसे मुख्य फोकस होगा - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन ट्रांजिशन, स्टार्टअप, सप्लाई चेन, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु परिवर्तन आदि।
चौथा दौरा-
भारत के लिए यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे की पहली यात्रा होगी। इस दौरान वे किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोन्या से मुलाकात करेंगे ।स्वीडन में सबसे मुख्य फोकस होगा- 'ब्लू इकॉनमी' है, जिसमें समुद्री संसाधनों, बंदरगाहों, समुद्री ऊर्जा और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके साथ ही भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट में भी चर्चा होगी। और देश को आगे बढाने का काम करेंगे।
पाचवा दौरा -
मोदी जी इटली में वहा के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से मुलाकात करेंगे। इटली के साथ भारत का फोकस निवेश, रक्षा, सुरक्षा, विज्ञान और तकनीक तथा स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। दोनों देश पहले से ही 'जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029' पर काम कर रहे हैं।

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